देह सहलाने का सुख आत्मा का स्पर्श मसाज और मालिश के फायदे

मसाज भी स्पर्श का एक सुख है जिस मसाज को लेकर मर्यादा का विवाद सुनाई देता है असल मे वह देह की सबसे बड़ी भूख है , और भूख सिर्फ पेट की नही होती असल मे देह सहलाने का सुख पाकर भूख को तृप्त करती है।

स्त्री अपने पसंदीदा पुरूष के सहलाने से सुख महसूस करती है जो उसकी देह की स्पर्श पाने की भूख है। देह बिना सहलाए सुख नही पा सकती।

खुद से खुद को सहलाने से देह वैसा असीम सुख नही महसूस करती है जैसे कि दूसरे के स्पर्श को महसूस कर सांस लेने लगती है कि आह्ह कितना सुख है।

हाँ जब प्रेम आत्मा के तल से हो तब स्पर्श का स्पंदन हृदय तल मे महसूस होने से खुद को समर्पित कर देने के लिए सौंपने लगते हैं , सचमुच एक ऐसा प्यार जिंदगी मे होना चाहिए।

यह प्रेम का वह स्तर है जिसमें सिर्फ तन नही बल्कि मन और मस्तिष्क सहित आत्मा भी लिप्त होती है इंद्रिय सुख पाकर भूख को पूर्ण महसूस करती है और फिर जब यह भूख सताने लगती है तो पसंदीदा स्त्री से या पसंदीदा पुरूष से हथेलियों का मखमली स्पर्श की चाहना जगने लगती है।

इसलिए संभोग जैसे विषय पर खुलकर बात ना करना मनुष्य योनि का अपराध है , चूंकि यह योनि विपरीत लिंग का चरमसुख पाना चाहती है तभी दुनियाभर का तनाव भूलकर कुछ पल को वह जीवन साकार हो जाने जैसा सुख महसूस करता है।

एक प्रेमी कहता है कि जैसे आत्मा से प्रेम होने पर देह एक दूसरे के संग समर्पण से आलिंगनबद्ध होने लगे तो समझ जाओ कि सचमुच ऐसा ही संभोग होना चाहिए जहाँ दो आत्माएं मिलकर आनंद से दमकने लगें कि हाँ यही अंतिम सच है कि आत्मीय प्रेम हो और आलिंगनबद्ध होकर जी लें एक जिंदगी।

तुम्हारा ” आनंद “