चित्रकूट की प्रियंका त्रिपाठी ने रचा कमाल, खेल के मैदान से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी तक बजा दिया डंका

सदगुरु इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाली प्रियंका शुरू से ही बहुमुखी प्रतिभा की मिसाल रही हैं। पढ़ाई हो या खेल का मैदान, हर मोर्चे पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

चित्रकूट की प्रियंका त्रिपाठी ने रचा कमाल, खेल के मैदान से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी तक बजा दिया डंका

इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में टॉपर बनीं प्रियंका, 4 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षा पास कर चुना डेटा प्रोटेक्शन और डेटा साइंस का भविष्य

प्रयागराज।

प्रतिभा जब अनुशासन से मिलती है, तो इतिहास बनता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है चित्रकूट की होनहार बेटी प्रियंका त्रिपाठी ने, जिन्हें इलाहाबाद डिग्री कॉलेज ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया।

प्रियंका ने न केवल कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि एक साथ चार नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की LLM प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण कर इलाहाबाद विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा दिया।

सदगुरु इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी करने वाली प्रियंका शुरू से ही बहुमुखी प्रतिभा की मिसाल रही हैं। पढ़ाई हो या खेल का मैदान, हर मोर्चे पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। आठवीं से 12वीं तक लगातार 5-6 मेडल जीतकर वह स्कूल में “स्पोर्ट्स गर्ल” के नाम से प्रसिद्ध रहीं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एलएलबी के दौरान भी उनका यह सिलसिला नहीं रुका। लगातार दो वर्षों तक 3 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीतकर प्रियंका ने स्पोर्ट्स टॉपर का खिताब अपने नाम किया। यह वह कहानी है जो बताती है कि मेडल सिर्फ गर्दन में नहीं, व्यक्तित्व में भी चमकते हैं।

शैक्षणिक मोर्चे पर भी प्रियंका ने बड़ा मुकाम हासिल किया। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी गुड़गांव, जबलपुर, औरंगाबाद और कोलकाता की प्रवेश परीक्षाएं पास कर उन्होंने साबित किया कि नई पीढ़ी केवल डिग्री नहीं, दिशा चुन रही है।

कानून की पारंपरिक राह से आगे बढ़ते हुए प्रियंका ने डेटा प्रोटेक्शन और डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय लिया और वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज, कोलकाता में दाखिला लिया। यह फैसला बताता है कि नई सदी की बेटियां अवसरों का इंतजार नहीं करतीं, वे नए क्षेत्र गढ़ती हैं।

प्रियंका की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन की दस्तक है जहां बेटियां अब “प्रेरणा” नहीं, “परिवर्तन” की धुरी बन रही हैं।

गौरतलब है कि प्रियंका के पिता बृजेश त्रिपाठी चित्रकूट जनपद के प्रतिष्ठित उद्यमी और प्रिया मसाला इंडस्ट्री के स्वामी हैं। बेटी की इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है।

यह कहानी सिर्फ सफलता की खबर नहीं, यह संदेश है , जो मैदान में दौड़ता है, वही जीवन में आगे निकलता है और प्रियंका त्रिपाठी ने साबित कर दिया कि आज की बेटियां सिर्फ रिकॉर्ड नहीं बनातीं, भविष्य गढ़ती हैं।