साहेब सम्मान निधि से ज्यादा तो चालान भरना पड़ रहा है

अरे सब चालान के लिए रो रहे हैं ; रोइए नही यही तो देशभक्ति है रामराज्य है चूंकि नोटबंदी के बाद बिगड़ी अर्थव्यवस्था को सुधारने मे चालान एक चमत्कार है।
कसम खुदा की अगर भाजपा का नेता नोटबंदी की जन्म जंयती मनाए मगर देखना अभी आईटी सेल से अठन्नी लेकर लिखने वाले फूफा – बुआ लोग तत्काल प्रभाव से मुझे बुरा – भला सुनाने के लिए अपना रक्तचाप बढ़ाते हुए लिखने लगेंगे कि …..
” अरे तुम क्या जानो भगत सिंह बन के हम ही मरे थे देश के लिए और फिर देखो इस जन्म मे भी देश के लिए मर रहे हैं। ”
भले इनकी आत्मा भी जानती हो कि अब भाजपाई जिंदगी रौंदने लगे हैं यह दानव के जैसे व्यवहार करने लगे हैं।
भले किसान इनके सामने गिड़गिड़ाए कि साहेब सम्मान निधि से ज्यादा का तो चालान भरना पड़ रहा है।
अरे इन पुलिस वालों को पता है क्या कि जिसका चालान कर रहे हैं वह इतना रोज कमा भी रहा है कि नही ?
कितना डरावना है यह सब कि जनता को जनार्दन कह के वोट लेकर राजा बनते हैं उसी जनता का चालान काटकर जेब कतरते हैं , सही मायने मे यह जेबकतरा ज्यादा खतरनाक हैं।
अब कोई सड़क पर नियम से चलने का परम ज्ञान देने ना आए क्योंकि चालान घूस के पैसे से ही भरे जा सकते हैं – खून पसीने की कमाई से नही। जब तुम लोग वेतन से ज्यादा कमीशन और घूस मे कमा रहे हो वैसे मे आम जनता को कथित नियम के आधार पर फर्जी जान बचाने का ढोंग कर आर्थिक संकट मे मत डालो जो सरकार इतनी संवेदनशील नही वो सचमुच सत्ता मे रहने लायक नही।
चालान जान बचाने के लिए नही बल्कि सिर्फ और सिर्फ हेलमेट कंपनी की कमाई बढ़ाने के लिए किए जाते हैं वरना सड़क दुर्घटना मे जान गंवाने वालों को कम से कम 1 करोड़ मुआवजा देने की घोषणा करो क्योंकि सड़क पर जान गंवाने वालों की जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी चाहिए।
असल मायने मे हेलमेट के साथ भी मौते होती हैं और सड़क पर गढ्ढे से गाड़ी की चेंचिस टूटती है और आदमी की नस नस टूटने लगती है। इसलिए जनता का वास्तविक ख्याल रखना शुरू करिए सही मायने मे जागरूक करिए तभी नियम का पालन हो सकेगा मगर ऑफिस के अंदर तक मर्यादा का पालन करवाइए अन्यथा यह लोकतंत्र नही लूटतंत्र है जो अंग्रेज शासन भी खतरनाक है।
