शक्ति साधना और सियासत का संगम दतिया की पीतांबरा पीठ से डिप्टी सीएम का बड़ा संदेश

मध्यप्रदेश के दतिया स्थित विश्वप्रसिद्ध सिद्धपीठ मां पीतांबरा पीठ में आज उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सपत्नीक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां पीतांबरा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की मंगलकामना की।
दतिया की पावन भूमि पर स्थित मां पीतांबरा पीठ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सनातन शक्ति, राष्ट्र चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का वह विराट धाम है, जहाँ वर्षों से राजनेता, संत, न्यायविद, उद्योगपति और लाखों श्रद्धालु मां के चरणों में नतमस्तक होते रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की यह आध्यात्मिक उपस्थिति अब विशेष चर्चा का विषय बन चुकी है। यूपी की राजनीति में इसे एक बड़े सांस्कृतिक और वैचारिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सनातन आस्था, हिंदुत्व और जनविश्वास की राजनीति के बीच यह दौरा आने वाले समय में नई राजनीतिक ऊर्जा का संकेत दे सकता है।
विश्वप्रसिद्ध इस सिद्धपीठ में मां बगलामुखी और धूमावती माता की विशेष आराधना होती है। साथ ही यहां स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव मंदिर को महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां की साधना और प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती।
मान्यता है कि इस दिव्य सिद्धपीठ की स्थापना वर्ष 1935 में पूज्य स्वामीजी महाराज (गोलोकवासी) द्वारा की गई थी। आज भी यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन और साधना के लिए पहुंचते हैं।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मां पीतांबरा के चरणों में प्रदेश की खुशहाली, जनता के उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्र की समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके साथ भाजपा दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा, जिला महामंत्री अतुल , रोहित दुबे, अमित सेन, कपिल अहिरवार, अरविंद गुप्ता, प्रदीप गुर्जर, गौरव दुबे एवं सागर पुरोहित सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जब सत्ता और साधना एक साथ दिखाई देती है, तब उसका प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जनमानस की भावनाओं तक सीधा पहुंचता है। दतिया से निकला यह संदेश अब यूपी की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रहा है।