अमित शाह ने कर दिया योगी आदित्यनाथ के साथ बड़ा खेल अगला प्रधानमंत्री कौन

इश्क बेशक किसी को किसी नेता से हो सकता है लेकिन योगी आदित्यनाथ अब मजबूत नेता के रूप मे नही हैं , विपक्ष से बीजेपी नही लड़ रही बल्कि जानकार जानते हैं कि बीजेपी खुद मे लड़ रही है !
गोरखपुर का दांव भी राजनीतिक कुश्ती मे चिट्ट – पट्ट करने के लिए लगाया गया है। बाबा बुलडोज़र के फेस पर लोगों को कितना भरोसा है अब साफ पता चलने लगेगा !
बीजेपी भविष्य के प्रधानमंत्री पद की लड़ाई लड़ रही है जिसमे अमित शाह और योगी आदित्यनाथ आमने – सामने हैं। इसलिए भी योगी आदित्यनाथ कम से कम तीसरी बार सीएम ना बनें और योगी के बिना बीजेपी उत्तर प्रदेश मे तीसरी बार सरकार बनाए इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।

फिलहाल योगी आदित्यनाथ सीएम की कुर्सी पर कब तक हैं ? यह कहा नही जा सकता या फिर अंत तक पारी को ले जाएंगे परंतु तीसरी बार तो नही क्योंकि अमित शाह एकाग्रता से राजनीति करते हुए उत्तर प्रदेश मे ही उनको घेर चुके हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश मे शिवराज सिंह चौहान के साथ हुआ है वैसा ही उत्तर प्रदेश मे योगी आदित्यनाथ के साथ होगा , उनको केन्द्र मे बुलाया जा सकता है।
योगी आवश्यकता हैं क्योंकि भगवा वाले मुख्यमंत्री हैं इसलिए योगी का सम्मान केन्द्र तक बना रहेगा लेकिन यह सीएम योगी आदित्यनाथ की इच्छा पर निर्भर करेगा कि कहीं वो मठ मे बैठना पसंद ना करें ? और मठ का चुनाव करना ही उनकी शक्ति है कि मैं अंततः मठ चला जाऊंगा।
फिलहाल उत्तर प्रदेश मे बीजेपी की सीधी टक्कर सपा से है लेकिन यूपी की सियासत मे कब क्या कैसे होगा इसको गुजरात लाॅबी मैनेज किए रह पाएगी ? यह कहा नही जा सकता।
यहाँ की राजनीति को भाजपा ही दिलचस्प बनाए रखे है फिर भी सत्ता का ख्वाब देखने वाले विपक्ष को कुछ करना होगा वरना आएगी तो बीजेपी ही ! यूपी के मतदाता का मूड पता चलते ही 27 की तस्वीर झलकने लगेगी , फिलहाल यूपी मे नौकरशाह पर शिकंजा कसना चाहिए और आम जन को राहत रूह महसूस होना चाहिए।