
चित्रकूट : गरीब काश्तकार किसानों की जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वर्ष 2011 में प्रशासन द्वारा मुक्त कराई गई जमीन पर एक बार फिर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित किसान न्याय के लिए प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे केवल आश्वासन ही मिले हैं।
14 साल बाद फिर हुआ कब्जा
बरगढ़ मझगवां क्षेत्र के किसान राममिलन द्विवेदी की कृषि भूमि को 2011 में जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त कराया था। लेकिन अब 14 साल बाद फिर से भूमाफियाओं ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित किसान का आरोप है कि दबंगों ने प्रशासन की मिलीभगत से दोबारा उनकी जमीन हड़प ली है।

राजस्व विभाग की अनदेखी और झूठी रिपोर्ट
पीड़ित किसान ने जिला अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन राजस्व विभाग ने झूठी रिपोर्ट लगाकर भूमाफियाओं को संरक्षण दे दिया। पुलिस और प्रशासन के सुस्त रवैये के कारण भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं। किसान के खेत का रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे उसकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

दबंगों की धमकी, प्रशासन बेखबर
राममिलन द्विवेदी का कहना है कि भूमाफिया लगातार धमकी दे रहे हैं और प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। किसान ने मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
क्या गरीब किसानों को न्याय मिलेगा?
इस मामले में सरकार और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या गरीब किसान यूं ही दर-दर भटकते रहेंगे? क्या प्रशासन भूमाफियाओं के आगे नतमस्तक हो गया है? अगर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

सरकार और प्रशासन को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए, वरना यह गरीब किसानों के साथ अन्याय होगा।