
नई दिल्ली/चित्रकूट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के दार्शनिक मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। वैश्विक कूटनीति के असमंजस, पाकिस्तान से अघोषित युद्ध की परिस्थितियाँ और अमेरिका के साथ तनावपूर्ण रिश्तों की पृष्ठभूमि में यह दिन नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की लोकप्रियता और प्रभावशीलता का निर्णायक क्षण सिद्ध हुआ।

चित्रकूट में वन स्टॉप सेंटर और जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष दिव्या त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं और वृक्षारोपण कर प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर महिला मोर्चा की टीम और संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहे।
दिव्या त्रिपाठी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “जीवन का 75वां जन्मदिन केवल आयु की गणना नहीं है, यह वह पड़ाव है जहाँ से व्यक्ति की लोकप्रियता इतिहास में अमर हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी का यह जन्मदिन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा है कि चुनौतियों के बीच भी कर्मनिष्ठा और आत्मबल से जीवन को टर्निंग प्वाइंट बनाया जा सकता है।
देशभर में इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़े नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक ने बधाइयाँ दीं। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बधाइयों की बाढ़ उमड़ पड़ी। इतना कि डिजिटल दुनिया में मानो ट्रैफिक जाम सा दृश्य उपस्थित हो गया।
यह दिन सिर्फ नरेंद्र मोदी का जन्मदिन नहीं रहा, बल्कि उस दर्शन की पुनर्पुष्टि भी रहा, जो कहता है कि “व्यक्ति विशेष के पड़ाव पूरी सभ्यता और राष्ट्र के लिए नए रास्तों का संकेत बन जाते हैं।” प्रधानमंत्री मोदी का यह जन्मदिन प्रत्येक भारतीय को यह सिखाता है कि चुनौतियों और विरोधाभासों के बीच भी आत्मविश्वास और कर्मनिष्ठा जीवन को टर्निंग प्वाइंट तक पहुँचा सकती है।








