
अजय मिश्रा से मुलाकात परिवर्तन वाली चर्चा
युवाओं से मुलाकात बहुत महत्वपूर्ण है और उससे ज्यादा महत्वपूर्ण विचार को महसूस करना है , मेरी और अजय की मुलाकात अचानक हुई।
मन मे आया तो घर की ओर बाइक मोड़ दी और सामने ही खड़े मिल गए तो आत्मीयता से अंदर एक कमरे मे चल दिए और बैठकर जलपान हुआ , इस बीच अजय बोले कि सब महाकाल का है।

युवाओं की सोच मे ईश्वर के प्रति विश्वास और समर्पण दिखना कलियुग का भक्तिकाल याद दिलाता है। फिर अजय ने कहा आपको देवी माँ के दर्शन भी कराऊंगा।
उनकी बातों मे अपने जनपद अपनी विधानसभा अपने क्षेत्र के विकास का तत्व समझ आया। वो बोलते रहे और मैं सुनता रहा क्योंकि सुनना बहुत जरूरी है।
उनके हृदय से वह सब बातें निकलकर सामने आ रही थीं जो उनके हृदय मे मऊ मानिकपुर की जनता के लिए है ; पाठा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पण और यहाँ की राजनीति मे युवा की भागीदारी की सोच !
कभी चिंता दिखी तो अचानक उनका हृदय गदगद दिखा कि मेरे होठ बरबस खिल उठते और लगा कि ऐसे ही मिलना चाहिए , बातें करनी चाहिए और युवाओं के दिल की लिखनी चाहिए। राजनीतिक पिता की संतान अजय का व्यक्तित्व दिलकश आकर्षक और मनोहारी लगा इसलिए अजय मे संभावना है कि वे जन के बीच लोकप्रिय रहेंगे।
अजय से हुई मुलाकात हमारे बहुत पुराने रिश्तों को भी नया कर देती है कि उनके पिता जी नवल मिश्र को मैं बचपन से जानता हूँ , जब मेरी माँ ब्लाक प्रमुख पहाड़ी थीं ठीक तब नवल मिश्र मऊ ब्लाक प्रमुख थे और याद आया कि वह प्रमुख संघ के अध्यक्ष भी थे।
अजय मिश्र का चेहरा जितना दमक रहा है उतना ही हृदय मे उत्साह महसूस हुआ , ऊर्जा से भरपूर युवा लगे जो राजनीति के क्षेत्र से समाज के लिए कुछ करना चाहता है और यह चाहत युवाओं मे होनी चाहिए।
हर मुलाकात एक अनुभव होती है , विचारों का मंथन होता है और विचार समाज को परिवर्तन की राह दिखाते हैं जैसा परिवर्तन समय-समय पर समाज चाहता रहता है।
हमारी छोटी सी मुलाकात का एक अंश प्रकाश मे आया और आगे भी मैं ऐसी मुलाकात करना चाहूंगा , युवाओं के व्यक्तित्व पर लिखना चाहूंगा। संभवतः हम युवा मानसिक रूप से जुड़ सकें और समय इतिहास लिख दे कि युवा जैसा जीवन जैसा समाज चाहते हैं , वह सब मुलाकात से संभव हो जाए क्योंकि शब्द ब्रह्म हैं और ब्रह्म की शक्ति ब्रह्मांड से परिवर्तन सृष्टि मे कर देती है इसलिए अजय मिश्र के व्यक्तित्व कृतित्व पर लिखना एक नई शुरूआत और अच्छी शुरूआत मानकर लिखा है , फिर किसी युवा के साथ चाय पी जाएगी और चर्चा की जाएगी।








