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प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता की झांसी में हुई संगठनात्मक बैठक को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की स्थानीय तैयारियों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और प्रयागराज के कार्यक्रम को सफल बनाने पर जोर दिया गया है

प्रयागराज।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान 27 सितंबर को प्रयागराज में युवाओं के संवाद कार्यक्रम और जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी की ओर से इसे प्रदेश में संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया जा रहा है।

चिराग पासवान की प्रयागराज में प्रस्तावित सभा ऐसे समय हो रही है, जब लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन खड़ा करने की तैयारी की बात कह चुकी है। पार्टी ने 101 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष संगठनात्मक तैयारी के लिए चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति की है। गठबंधन की स्थिति स्पष्ट होने तक पार्टी सभी सीटों पर चुनावी तैयारी रखने की बात भी कह रही है। 

इस राजनीतिक विस्तार को केवल एक जनसभा तक सीमित करके देखना आसान नहीं होगा। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राजनीतिक प्रदेश में किसी दल की वास्तविक ताकत का परीक्षण उसके संगठन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के बीच निरंतर संपर्क से होता है। ऐसे में प्रयागराज का कार्यक्रम लोजपा (रामविलास) के लिए अपने संगठनात्मक दावे को जमीन पर दिखाने का अवसर भी है।

इसी कड़ी में प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता की झांसी में हुई संगठनात्मक बैठक को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की स्थानीय तैयारियों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और प्रयागराज के कार्यक्रम को सफल बनाने पर जोर दिया गया है। झांसी से प्रयागराज तक संगठन को जोड़ने की यह कोशिश बताती है कि पार्टी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

चिराग पासवान की राजनीति का एक महत्वपूर्ण पक्ष युवा संवाद और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखना रहा है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार के साथ युवाओं और वंचित वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति सामने रखी है।

अब 27 सितंबर का प्रयागराज कार्यक्रम इस बात की परीक्षा होगा कि पार्टी अपने संगठनात्मक अभियान को कितनी व्यापक जनभागीदारी में बदल पाती है। इसके बाद वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ सहित अन्य शहरों में कार्यक्रम प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है।

उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में अभी कई समीकरण बनना बाकी हैं। लेकिन इतना स्पष्ट है कि लोजपा (रामविलास) अब यूपी में केवल उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय अपना संगठन खड़ा करने की दिशा में सक्रिय कदम बढ़ा रही है। 27 सितंबर को प्रयागराज की सभा इसी अभियान का अगला बड़ा पड़ाव होगी।

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