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बुन्देलखण्ड मे एलजेपी का संगठन विस्तार अजय गुप्ता व गौरव यादव को बड़ी जिम्मेदारी

बुंदेलखंड। वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्धारण किया है।


प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मणि त्रिपाठी की संस्तुति पर प्रदेश संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता को झांसी मंडल का प्रभारी मनोनीत किया गया है। वहीं प्रदेश महासचिव गौरव यादव को चित्रकूट मंडल का प्रभारी बनाया गया है।


पार्टी नेतृत्व के अनुसार अजय कुमार गुप्ता को संगठनात्मक क्षमता और जमीनी अनुभव को देखते हुए झांसी मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी ओर गौरव यादव को युवाओं के बीच उनकी सक्रियता, ऊर्जा और प्रभावी संगठनात्मक भूमिका को ध्यान में रखते हुए चित्रकूट मंडल की कमान सौंपी गई है।

पार्टी की योजना केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं है। संगठन को मंडल से जिले, विधानसभा, ब्लॉक और बूथ स्तर तक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी का लक्ष्य कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संगठन की राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत करना है।


पार्टी नेतृत्व ने उम्मीद जताई है कि दोनों नवनियुक्त मंडल प्रभारी अपने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का इस्तेमाल करते हुए संबंधित मंडलों में कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और संगठन को जमीनी स्तर पर नई गति देंगे।

बुंदेलखंड की राजनीति में किसी भी राजनीतिक दल के लिए संगठन का जमीनी ढांचा बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विधानसभा चुनाव जैसे बड़े राजनीतिक मुकाबले में केवल शीर्ष नेतृत्व की सक्रियता पर्याप्त नहीं होती, बल्कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ता नेटवर्क और स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित करती है।


ऐसे में झांसी और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण मंडलों में प्रभारियों की नियुक्ति को 2027 की तैयारियों के शुरुआती चरण के रूप में देखा जा सकता है। अजय कुमार गुप्ता और गौरव यादव को दी गई जिम्मेदारी अब इस बात की परीक्षा भी होगी कि वे संगठनात्मक नियुक्तियों को वास्तविक जमीनी सक्रियता में कितनी तेजी से बदल पाते हैं।


खास तौर पर चित्रकूट और बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों, युवाओं की भागीदारी और विधानसभा स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है। यदि नई जिम्मेदारियां केवल कागजी नियुक्तियों तक सीमित न रहकर कार्यकर्ता संवाद, बूथ विस्तार और स्थानीय राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय हस्तक्षेप में बदलती हैं, तो 2027 के चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपनी राजनीतिक उपस्थिति को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर सकती है।


फिलहाल इन नियुक्तियों ने यह संकेत जरूर दिया है कि पार्टी ने 2027 के चुनावी मैदान को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार की प्रक्रिया को गति देना शुरू कर दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि झांसी और चित्रकूट मंडल में नई जिम्मेदारियां संगठन को कितनी मजबूती देती हैं और इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति में किस रूप में दिखाई देता है।

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