SHARE
जबकि नियम बताने का काम अधिकारी का होता है इसलिए कार्यकर्ता नेता मे अधिकारी की झलक देखना पसंद नही करता।

चित्रकूट |

विधानसभा चुनाव 2027 करीब आते आते कार्यकर्ता सम्मेलन और सम्मान के कार्यक्रम आयोजित होने लगे हैं। राजनीतिक दल इस बहाने कार्यकर्ताओं का मन टटोलता है कि कितना उत्साह है कि नही ! इस बात को बूथ का कार्यकर्ता भी समझने लगा है।

विधानसभा 236 के पहाड़ी ब्लाक के नांदी हनुमान जी स्थल मे तीन मंडल के कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे , जिस सम्मान सभा मे जगदीश गौतम ने कार्यकर्ताओं से ही पूछ लिया कि कार्यकर्त्ता के लिए लड़ना चाहिए कि नही ? इस सवाल के जवाब मे प्रत्येक कार्यकर्ता का जवाब यही था कि लड़ना चाहिए।

दान वर्षा अवश्य करें

इसी सभा के आसपास खड़े लोगों को यह कहते हुए सुना गया कि अगर पहले वाले नियम ना बताते , हर किसी को बराबर सम्मान दिए होते तो हार का मुंह ना देखना पड़ता। उनकी बातें सुनकर संकेत साफ समझ आ रहा था कि लोग अपमान भूले नही हैं और काम कराने के लिए अफसरों के सामने रिरियाने का समय याद किए हुए हैं , जहाँ एक बात मे हर काम अटका था कि जो होगा नियम से होगा।

इसलिए कार्यकर्ताओं का आज भी वही सवाल है कि नेता क्या नियम बताने के लिए होता है जबकि नियम बताने का काम अधिकारी का होता है इसलिए कार्यकर्ता नेता मे अधिकारी की झलक देखना पसंद नही करता। जगदीश गौतम ने लाख टके का सवाल कर चुनावी माहौल गरम कर दिया है।

image_printPrint
5.00 avg. rating (98% score) - 1 vote